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संदेश

वो एक अंडा

बच्चों के लिये कहानी लिखने का प्रथम प्रयास कल जब मैं सब्जी लेने मार्केट गयी तो भीड़ कुछ ज्यादा ही थी । बगल में ही मच्छी बाजार भी लगा था और उसकी स्मैल को सह पाना मेरे लिये दुभर थ...

मैं सपने देखती हूँ

मैं सपने देखती हूँ हाँ.....मैं अब भी सपने देखती हूँ चार दशक जीने के बाद रिश्ते नातों की लंबी फेहरिस्त में खुद को घोल देने के बाद हर कटू शब्द को जीते हुए कुछ प्रशंसाओं को पीते हुए ...

पूर्णांक

कल बारहवीं का रिजल्ट आया....जब भी बोर्डस् के रिजल्ट आते है...एक हंगामा हो ही जाता है। हर जगह रिजल्ट की ही चर्चा....सोशियल मीडिया हो, न्यूज हो या समाचार पत्र। टॉपर रहने वाले बच्चें र...

मेरी दादी

कल ही मायके से लौटी हूँ......माँ (दादी) की आँखे , चेहरा इस बार ओझल ही नहीं हो रहा....इतना टुटा हुआ मैंने उन्हे कभी नहीं देखा....न जाने, दिन में कितनी बार उन्हे याद कर आँखे भीग जाती है ।जानती ...

माँ

मैं पुकारती हूँ तुम्हे पर वो पुकारना शुन्य में विलिन हो जाता है जब भी दर्द में होती हूँ किसी को न दिखने वाले मेरे आँसू छलकना चाहते है तेरे आगोश में पर वो जज्ब नहीं हो पाते ते...

अपनी कहानी बयां करता एक शहर......हम्पी

मैं हम्पी हूँ......1336 में हरिहर राय और बुक्का राय नाम के दो भाईयों ने मेरी नीवं रखी थी। लेकिन मेरा इतिहास इससे भी कही पुराना है । पुरातन काल में मुझे किष्किंधा नाम से भी जाना जाता थ...

प्रेम

क्या आसान है प्रेम को समझ पाना शायद नहीं.... पर मुश्किल भी नहीं, लेकिन इसकी परिभाषा इतनी गहन बना दी गई है कि साधारण इंसान समझ ही न पाये असल में प्रेम परिभाषाओं के परे है बस महसूस ...