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संदेश

आज का दिन

आज मन बड़ा खुश है....इतना खुश कि शब्दों से बयां ही नहीं कर सकती । रगों में जैसे भारतीयता दौड़ रही है। आँखों में एक गुरूर सा छाया है। चेहरे पर जैसे  एक ओज है । आज की तो जैसे हवा भी गुनग...

अध्यात्म

तुम देह को भोग कर आना अपना सारा इश्क़ करके आना जब बातों से जी भर जाये तब आना तुम तब आना जब सूरज अस्त होते होते थोड़ा सा बचा हो सिंदूरी आसमाँ रात की अगवाई में सजा हो पंछी अपने घरों...

कशमकश

न जाने क्यो आज रह रहकर मुझे याद आ रहा है कठुआ कांड, जिसमे एक मुस्लिम बच्ची आसिफा के साथ बलात्कार का मामला दर्ज हुआ था । मैंने भी बच्ची का स्कैच बनाकर अपना रोष जाहिर किया था।   ...

माँ बहन

पुलवामा अटैक को लेकर लोगो का रोष अपने चरम पर है। लोग भड़के हुए है और यह गुस्सा,यह विद्रोह जायज भी है । मैं खुद भी जैसे बदले की आग में झुलस रही हूँ । हमारे जवानों की मौत का बदला लेन...

वर्जिनिटी

देह के समीकरण से परे देखना कभी उसे समूचा ब्रह्मांड समेट के रखती  है खिलखिलाते लबों के पीछे मुस्कुराती सी जिंद़गानी सहेजे रखती है देखना कभी नजरे मिलाकर, न जाने कितने सैला...

सुकून की तलाश

पुलवामा अटैक से हम सब आहत है। पुरा देश सदमे में है ,एक क्रोध की लहर हर रग में है । क्रोध से कभी किसी का भला नहीं होता लेकिन इस बार ये क्रोध हम सब को भारतीयता की डोर में बाँध रहा है,...

आईना

जीवन की राह में चलते हुए अचानक दिख जाता है एक आईना एक वजूद के रुप में असमंजस होता है हुबहू कोई हम जैसा भी होता है अजनबी होता है,लेकिन दिल की गहराइयों में स्थापित हो जाता है अन...