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संदेश

प्रेम

क्या आसान है प्रेम को समझ पाना शायद नहीं.... पर मुश्किल भी नहीं, लेकिन इसकी परिभाषा इतनी गहन बना दी गई है कि साधारण इंसान समझ ही न पाये असल में प्रेम परिभाषाओं के परे है बस महसूस ...

क्या है प्यार

क्या है प्यार ? सोशियल मीडिया पर फैला मायाजाल या नर्म मखमली शब्दों का जामा.... चंद मुलाकातों की मोहब्बत या एक जुनून अंधा.... हवा में उड़ती ऊँची पतंग या कच्चे धागे सी उलझती बहस..... चम...

युद्ध विकल्प नहीं हो सकता

नहीं, युद्ध कभी विकल्प नहीं हो सकता कभी सोच कर देखो उस घर की चौखट को जिसे लाँघकर जाने वाला अब लौटकर नहीं आयेगा,लेकिन उधड़ती रंग की पपड़ियों में से एक शहीद के घर होने का गर्व झाँ...

आज का दिन

आज मन बड़ा खुश है....इतना खुश कि शब्दों से बयां ही नहीं कर सकती । रगों में जैसे भारतीयता दौड़ रही है। आँखों में एक गुरूर सा छाया है। चेहरे पर जैसे  एक ओज है । आज की तो जैसे हवा भी गुनग...

अध्यात्म

तुम देह को भोग कर आना अपना सारा इश्क़ करके आना जब बातों से जी भर जाये तब आना तुम तब आना जब सूरज अस्त होते होते थोड़ा सा बचा हो सिंदूरी आसमाँ रात की अगवाई में सजा हो पंछी अपने घरों...

कशमकश

न जाने क्यो आज रह रहकर मुझे याद आ रहा है कठुआ कांड, जिसमे एक मुस्लिम बच्ची आसिफा के साथ बलात्कार का मामला दर्ज हुआ था । मैंने भी बच्ची का स्कैच बनाकर अपना रोष जाहिर किया था।   ...

माँ बहन

पुलवामा अटैक को लेकर लोगो का रोष अपने चरम पर है। लोग भड़के हुए है और यह गुस्सा,यह विद्रोह जायज भी है । मैं खुद भी जैसे बदले की आग में झुलस रही हूँ । हमारे जवानों की मौत का बदला लेन...