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वो कृष्ण है

जो जीवन जीना सीखाये
हर रंग में रंग जाना सीखाये
वो कृष्ण है
जो मान दे सभी को
सबके दिलों में समा जाये
वो कृष्ण है
जो रास रचाये,बंसी बजाये
महाभारत में शंखनाद करे
वो कृष्ण है
जो यशोदा का प्यारा है
देवकी का दुलारा है
वो कृष्ण है
जो रुक्मिणी का है....पर
राधा के बिना आधा है
वो कृष्ण है

टिप्पणियाँ

Digvijay Agrawal ने कहा…
आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज रविवार 25 अगस्त 2019 को साझा की गई है......... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!
मन की वीणा ने कहा…
बहुत सुंदर सृजन।
कृष्ण ही मोह ... कृष्ण की माया ...
जग सारा कृष्णमय है ...
आत्ममुग्धा ने कहा…
माफी चाहती हूँ कि मैं समय पर उपस्थित नहीं हो सकी 🙏
आत्ममुग्धा ने कहा…
सादर माफी अनुपस्थिति के लिये
आत्ममुग्धा ने कहा…
कृष्ण ही कृष्ण

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