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सीख जीवन की

ये एक बड़ा सा पौधा था जो Airbnb के हमारे घर के कई और पौधों में से एक था। हालांकि हमे इन पौधों की देखभाल के लिये कोई हिदायत नहीं दी गयी थी लेकिन हम सबको पता था कि उन्हे देखभाल की जरुरत है । इसी के चलते मैंने सभी पौधों में थोड़ा थोड़ा पानी डाला क्योकि इनडोर प्लांटस् को अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती और एक बार डाला पानी पंद्रह दिन तक चल जाता है। मैं पौधों को पानी देकर बेफिक्र हो गयी।
दूसरी तरफ यही बात घर के अन्य दो सदस्यों ने भी सोची और देखभाल के चलते सभी पौधों में अलग अलग समय पर पानी दे दिया। इनडोर प्लांटस् को तीन बार पानी मिल गया जो उनकी जरुरत से कही अधिक था लेकिन यह बात हमे तुरंत पता न लगी, हम तीन लोग तो खुश थे पौधों को पानी देकर।
     दो तीन दिन बाद हमने नोटिस किया कि बड़े वाले पौधे के सभी पत्ते नीचे की ओर लटक गये, हम सभी उदास हो गये और तब पता लगा कि हम तीन लोगों ने बिना एक दूसरे को बताये पौधों में पानी दे दिया।
      हमे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करे, बस सख्त हिदायत दी कि अब पानी बिल्कुल नहीं देना है।
     खिलखिलाते से पौधे को यूँ मुरझाया सा देखना बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था कि तभी हमने देखा कि एक पत्ती के किनारे से एक बूंद टपक रही है , ध्यान से देखा तो लगभग हरेक पत्ती के सिरे पर पानी की एक बूंद थी। मेरी खुशी का पारावार न रहा, मैंने बोला कि अब पत्ते एकदम स्फुर्ती से पहले जैसे हो जायेंगे क्योकि जो पानी अधिक था, पौधा स्वयं पत्तियों के माध्यम से निकाल देगा और आश्चर्यजनक रुप से मात्र तीन दिनों में ही मुरझाये लटके पत्ते फिर से सीधे और जीवंत हो गये ।
         कितनी सीख है इस बात में कि खुद सरवाइव करना सीखे। कभी परिस्थितयां प्रतिकुल हो जाये तो दोषारोपण में वक्त जाया करने की बजाय उनसे निपटना सीखे। जीवन आपका है, जीना सीखाने के लिये कोई दूसरा आपके पास नहीं आयेगा, आपको स्वयं जीवन सीखना पड़ेगा। अपनी समस्याओं के सभाधान स्वयं तलाश करने होंगे।
      पत्तियों से गिरती बूंदों की तस्वीरें मैं ले नहीं पायी 🙈

टिप्पणियाँ

Ritu asooja rishikesh ने कहा…
सुन्दर भाव अभिव्यक्ति... सुन्दर सीख

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