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जुलाई, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मैक्लोडगंज

मै अभी mcleodganj में हूँ ।मैक्लॉडगंज वह जगह है, जहां पर 1959 में बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा अपने हजारों अनुयाइयों के साथ तिब्बत से आकर बसे थे,इसी वजह से यह स्थान पूरे विश्व में प्रसिद्ध ह...

गुरू

राजकुमार सिद्धार्थ ने जब महल छोड़ा था तो उन्हें एक गुरू की तलाश थी जो मुक्ति का मार्ग दिखा सके, और उन्होने दो आचार्यों आलार कालाम और उद्रक से आध्यात्मिक शिक्षा ली।  'अपदार्...

प्रकृति और प्रेम

सृष्टि..... ईश्वर की बनायी सबसे बेहतरीन रचना। सब अद्भुत और खुबसुरत है यहाँ, अगर हम महसूस कर सके तो.... लेकिन अक्सर होता यह है कि हम सुंदरता को महसूस करना तो दूर, जी भर निहार भी न पाते,ल...

आँसू

यूँ तो नमकीन ही होते है पर फिर भी हर आँसू में फर्क होता है वो एक आँसू कुछ ऐसा होता है जो 'सब' से जुदा होता है वो सिर्फ कांधा नही भिगोता वो सिंचित करता है मन के सूखे बंजर रेगिस्ता...

उर्जा

सकारात्मक शब्द आपको हमेशा उर्जा देते है। आपके हौसलों को एक उड़ान देते है ,लेकिन जब यह सकारात्मकता अनायास निकल कर आये तो शायद यह उर्जा का विशुद्ध रूप होता है और आप एक संतुष्ट...