शुक्रवार, 13 सितंबर 2013

निर्भया


आँखें मेरी खुशी से है नम
निर्भया के गम
कुछ तो हुए होंगे कम
माना कि तेरी आत्मा
सिसकती है अब भी
तेरी माँ की आँखों से
आंसू बन के
बहती है तु अब भी
लेकिन
माँ की आँखों में
आज तु खुशी बन के
उमड़ी है
तेरे गुनहगारों को मिली है फांसी
अब आगे
नहीं बनेगी कोई निर्भया अभागी........
.............देश की न्यायव्यवस्था और मीडिया दोनो को धन्यवाद,यह संदेश है गुनहगारों के लिये ।

मंगलवार, 10 सितंबर 2013

निर्भया


मेरी खिड़की से आ रही गड़गड़ाहट आज
उपर गरज रहे बादल
तो नीचे धुम धड़ाका विसर्जन का
झुम रहे गणपति भी
गा रहे सब
गणपति बप्पा मोरया
लेकिन मेरा मन
खोया है कही ओर
चिल्ला चिल्ला के कह रहा
निर्भया....निर्भया....निर्भया
मुझे नींद ना आयेगी आज
जब तक दरिंदों के सर
फांसी का ना सजेगा ताज
देश का सम्मान है तु
तु ही है मेरा भी मान
मिला अब तो तुझे
बप्पा का भी आशिर्वाद
आसमां से बुंद-बुंद बरस रही तु
मत रो,लाडली
अब खौल रहा सबका लहु
तु चिन्ता मत कर निर्भया
तेरे गुनहगारों को मिलेगी सजा
खिड़की से आ रही आवाज
गणपति बप्पा मोरया
....
फैसले के इंतजार
है तेरी निर्भया......