सोमवार, 20 फ़रवरी 2012

एक और नन्हा सा प्रयास

शगुन के शब्दों ने इस बार मुझे वाकई खुश कर दिया .....सधे हुए शब्दों का सधा हुआ ताल-मेल .....अच्छी शुरुआत कर रही है मेरी बेटी ....मन खुश है 

  " भूल जाओ बीते पल 
     लेके आओ नई उमंग 
      सूर्य फिर से आएगा 
        लेकर उम्मीद की किरण 
          तब दिखा दो 
           तुम अपने रंग "
                                         शगुन 

3 टिप्‍पणियां:

  1. मेरा मन भी खुश हुआ आपकी बिटिया के सुन्दर सार्थक
    प्रयास को देखकर.

    शगुन के शब्द
    करते हैं निशब्द

    मेरा बहुत बहुत आशीर्वाद और प्यार.

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